You are currently viewing विलियम शेक्सपियर का जीवन परिचय | William Shakespeare Biography In Hindi
  • Post author:
  • Post published:June 24, 2021
  • Post category:Hindi Blog
  • Reading time:1 mins read

 228 

 

विलियम शेक्सपियर जीवन परिचय | William Shakespeare Biography In Hindi

बिंदु (Points) जानकारी (Information)
नाम (Name) विलियम शेक्सपियर
जन्म (Date of Birth) 1564
आयु 70 वर्ष
जन्म स्थान (Birth Place) स्ट्रैटफ़ोर्ड-ऑन-एवन, यूनाइटेड किंगडम
पिता का नाम (Father Name) जॉन शेक्सपिय
माता का नाम (Mother Name) मैरी आर्डेन
पत्नी का नाम (Wife Name) ऐनी हैथवे
पेशा (Occupation ) कवि, नाटककार
बच्चे (Children) 3
मृत्यु (Death) 23 अप्रैल 1616
मृत्यु स्थान (Death Place) स्ट्रैटफ़ोर्ड-ऑन-एवन, यूनाइटेड किंगडम
भाई-बहन (Siblings) 9
अवार्ड (Award) विशिष्ट सेवा पदक

 

विलियम शेक्सपीयर इंग्लिश कवी, नाटककार और अभिनेता थे जो इंग्लिश भाषा के महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध लेखको में से एक थे। उन्हें इंग्लैंड का राष्ट्रिय कवी और “बार्ड ऑफ़ एवन” भी कहा जाता है। उनके महानतम कार्यो में 38 नाटक, 154 चतुर्दश पदि कविता, 2 लंबी विवरणात्मक कविताये, और बहोत से छंद और लेखन कार्य शामिल है। उनके नाटको को कई भाषाओ में रूपांतरित किया गया था और बहोत से नाटककारों ने उनके नाटकों का प्रदर्शन भी किया था।

विलियम शेक्सपीयर का परिचय।

शेक्सपीयर का जन्म एवन के ऊपर स्ट्रेटफोर्ड में हुआ था। 18 साल की उम्र में उन्होंने ऐनी हैथवे से शादी कर ली। बाद में उनके तीन बच्चे भी हुए, सुसान और जुड़वाँ हम्नेट और जूडिथ। 1585-1592 के समय में उन्होंने लंदन में एक अभिनेता, लेखक और एक नाटक कंपनी लॉर्ड चेम्बर्लेन मेन के सह-मालक बनकर अपने करियर की शुरुवात की। 1613 में 49 साल की आयु में वे स्ट्रेटफोर्ड से रिटायर्ड हो गये थे और वही तक़रीबन 3 साल बाद उनकी मृत्यु हो गयी थी।

आर्थिक स्थिति खराब के कारण पढ़ाई छोड़ी।

उन्होने अपनी स्कूली शिक्षा एक स्थानीय स्कूल स्ट्रेटफोर्ड ग्रामर स्कूल से की थी। अपनी पिता की बढ़ती आर्थिक मुश्किलों के कारण उन्हें पढाई छोड़कर छोटे मोटे धंधों में लग जाना पड़ा। इसके बाद उन्होने जीविका की तलाश में 1587 में लन्दन चले गये, लंदन मे उन्होंने एक रंगशाला में किसी छोटी नौकरी पर काम किया। किंतु कुछ दिनों के बाद वे लार्ड चेंबरलेन की कंपनी के सदस्य बन गए और लंदन की प्रमुख रंगशालाओं में समय समय पर अभिनय में भाग लेने लगे। जहा वो एक अभिनेता और नाटककार बने।

उन्होंने दुखांत नाटक का समावेश किया ।

1608 तक उन्होंने दुखांत नाटक लिखे, जिनमे हैमलेट, ऑथेलो, किंग लेअर और मैकबेथ भी शामिल है। अपने अंतिम समय में उन्होंने दुःख सुखान्तक नाटको का लेखन किया था। जिनमे कुछ रोमांचक नाटक भी शामिल है। अंतिम नाटकों में शेक्सपियर का परिपक्व जीवनदर्शन मिलता है। महाकवि को अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के अनुभव हुए थे जिनकी झलक उनकी कृतियों में दिखाई पड़ती है।

रोमांस के साथ कॉमेडी भी ।

शेक्सपियर के नाटकों में रोमांस के साथ- साथ कॉमेडी भी होती थी। उन्होंने कॉमेडी वाले भी बहुत से नाटक प्रस्तुत किये लोगों ने उसे बहुत पसंद भी किया ।इसके बाद के वर्षों में इन्होंने ट्रेजेडी की शैली को भी छुआ ।उनके चरित्र- प्रतिनिधत्व में शेक्सपियर ने मानव व्यवहार और कार्यों को भी प्रस्तुत किया ।

विलियम शेक्सपियर की मृत्यु ।

सन 1613 में शेक्सपियर स्ट्रेटफोर्ड से रिटायर हो गए । विलियम शेक्सपियर की अपने जन्मदिन के 3 दिन पहले यानि 23 अप्रैल सन 1616 में मृत्यु हो गई । शेक्सपियर की याद में दुनिया भर में कई मूर्तियाँ, स्मारकें स्थापित किये गये है। जो कि इस महान कवि और नाटककार के लिए लोगों आपार प्रेम को दर्शाता है ।

 

 

 

0Shares