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Author name: Rushali Gulati

Rohtak

Kapil Sharma

Kapil Sharma The King of Comedy

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Kapil Sharma (जीवन परिचय)

हास्य कलाकार जो अपनी कला से लोगो के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं । हमने बहुत से ऐसे हास्य कलाकारों को देखा हैं। जो अक्सर अपने दर्द को छुपा कर लोगो तक हँसी पहुंचाते हैं। ऐसे ही एक कलाकार जिसको हम हर रोज सोनी टीवी पर देख कर अपने गम को भूल जाते हैं। जिसने आज करोड़ों लोगो के बीच अपनी अलग पहचान बना कर लोगो के दिल को छू रखा हैं।

Kapil Sharma

आज हम जिस हास्य कलाकार की बात कर रहें है उनका नाम कपिल है। जिसने आज अपनी एक ऐसी पहचाना बना रखी है की आज उन्हे बच्चा बच्चा जनता हैं। इनका जन्म 2 अप्रैल 1981 को पंजाब, अमृतसर (Punjab, Amritsar) में हुआ था। कपिल काफी साधारण परिवार से तालुक रखते थे। इनके पिता जितेंद्र कुमार शर्मा (Jitender Kumar Sharma)। जो पेशे से पंजाब में हेड कांस्टेबल पुलिस का कार्य करते थे। इनके पिता को 2004 में कैंसर की बीमारी के कारण इनकी मौत हो गई थी।

यह खबर कपिल के लिए उनको काफी जांझोर के रखने वाली थी क्योंकि इनके घर की कमाई का जरिया उनके पिता जी ही थे। जिसके बाद उनके घर की स्थिति थोड़ी खराब हो गई थी। इनकी माता जानकी शर्मा (Janki Sharma) जो पेशे से गृहणी है। इनके भाई अशोक शर्मा (Ashok Sharma)। जो पेशे से हेड कांस्टेबल है। इनकी एक बहन है। कपिल शर्मा वर्तमान में अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपनी माता को देते है। वर्तमान में कपिल शर्मा शादी शुदा है उनकी पत्नी का नाम गिन्नी शर्मा (Ginni Sharma ) है और कपिल शर्मा के दो बच्चे भी है।

कपिल शर्मा (Kapil Sharma) की शिक्षा

कपिल (Kapil Sharma) ने अपने बचपन में काफी संघर्ष कर अपनी कामयाबी को हासिल किया। इनकी स्कूली शिक्षा इन्होंने पंजाब, अमृतसर श्री राम सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूर्ण की। आपको बता दे की, इन्होंने अपनी स्कूल के साथ साथ अपने घर की स्थिति को संभालने के लिए पीसीओ पर काम किया। जिसके बाद इन्होंने कपड़े की मिल पर भी काम किया। इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद अपने स्नातक की पढ़ाई हिंदी कॉलेज अमृतसर से पूर्ण की। कपिल शर्मा जो बचपन में गायक बनना चाहते थे लेकिन उनकी जिंदगी ने उन्हे एक ऐसा पद दिया। जिसे आज वह लोगो के जीवन में उनके दुखो को दूर कर मुस्कान पहुंचाते हैं।

Kapil Sharma Singing

Kapil Sharma ने अपने कैरियर की शुरुवात कैसे की

कपिल का गायक बनने का सपना था। जिसके चलते उन्होंने अपने कॉलेज में गायन प्रतियोगिता में भी भाग लिया करते थे। लेकिन उनकी उड़ान कुछ ऊंची थी जिस कारण उन्होंने अमृतसर से मुंबई में जाकर अपने कैरियर की शुरुवात शुरू की। कपिल शर्मा में गायक के साथ एक्टिंग का भी बेहद अच्छा टैलेंट था। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह किसी इंस्टीट्यूट से कोर्स नही कर पाए।

लेकिन उन्होंने हार नही मानी और अपने टैलेंट से उनको शुरुवाती दौर में एक ऐसा कॉमेडी शो करने का मौका मिला । जिससे उनकी प्रसिद्धि काफी होने लगी। उस रियलिटी शो का नाम था द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज (“The Great indian laughter challenge”) इस शो के बाद कपिल ने लोगो का दिल जीत लिया था इस रियलिटी शो में कपिल ने 10 लाख का इनाम जीता।

इस शो के बाद कपिल ने अपनी जिंदगी में पीछे मुड़ कर नहीं देखा । जिसके बाद इन्होंने अपनी हास्य कला को कॉमेडी सर्कस में दिखाया। जहाँ फिर से इन्होंने लोगो का दिल जीत कर कॉमेडी सर्कस के 6 सीजन को जीत कर अपना नाम बरकार रखा। धीरे–धीरे कपिल शर्मा अपनी कामयाबी से अपने नाम को प्रसिद्ध करे जा रहे थे। इसके बाद कपिल शर्मा ने एक और रियलिटी शो में मनीष पॉल के साथ काम किया।

Kapil Sharma

कॉमेडी नाइट विथ कपिल का सफर (Comedy Night With Kapil)

कपिल की कामयाबी अब काफी शोर मचा रहीं थी। जिसके बाद 2013 में कपिल शर्मा ने कलर्स टीवी पर कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल के शो में अपना जलवा बिखेरा। जहा लोगो के लिए यह शो काफी शौकीन बन गया था जहाँ बूढ़ा, और जवान सभी कपिल शर्मा के शो का वेट करते थे। क्योंकि इस शो में बहुत से सेलिब्रिटी आकार कपिल शर्मा के साथ जुगलबंदी कर लोगो के दिल को बहलाते थे और लोगो को यह सब देखना बहुत पसंद आने लगा। लेकिन, किसी वर्ष कलर्स टीवी पर इस शो का लास्ट एपिसोड दिखाया गया। जो लोगो के लिए काफी निराशाजनक रहा । लेकिन कपिल ने हर ना मानते हुए अपने नई रियलिटी शो की शुरुवात की।

Kapil Sharma

कपिल शर्मा का नया सफर “द कपिल शर्मा शो” (“The kapil sharma show”)

कपिल का कलर्स टीवी से शो बंद होने के कारण लोगो में काफी निराशा आ गई थी। जिसके बाद कलर्स टीवी के बाद सोनी टीवी पर कपिल शर्मा का नया शो लॉन्च किया गया। जिसका नाम था द कपिल शर्मा शो (“The kapil sharma show”)। इस शो को भी दर्शकों द्वारा बेहद प्यार मिला। यह शो जो अभी तक बरकार हैं। इसे लोगो से इतना प्यार मिल रहा हैं। की आज कपिल इतनी ऊंचाई तक पहुंच चुके है। इस शो में सेलिब्रिटी आकार अपने फिल्मों को प्रमोट करते हैं। और कपिल शर्मा साथ अपनी कॉमेडी से लोगो को हंसाते हैं। कपिल शर्मा के साथ इस शो में बहुत से किरदार हैं। जो कॉमेडी कर उनका साथ देते हैं।

अपनी कामयाबी के बाद बहुत से शो में दिखे कपिल शर्मा।

आज कपिल की कामयाबी शिखर तक पहुंच चुकी है। जिसके बाद उन्होंने बहुत से शो में खुद का रंग जमाया । जैसे की वह 60th फिल्म अवॉर्ड में करण जोहर साथ होस्ट करते हुए दिखाई दिए। वही करण जोहर के साथ काफी विथ करण पर अपनी किस्से शेयर करते हुए दिखाई दिए। साथ ही कपिल अब कई बड़े अवार्ड शो को भी होस्ट करते हुए नजर आते है।

फिल्मों में भी अजमाया अपना हुनर

कपिल जो काफी टीवी शो और अपने रियलिटी शो में नजर आते है। इसके साथ साथ इन्होंने अपना कैरियर को फिल्म इंडस्ट्री में भी अजमाया। जहा इन्होंने 25 दिसंबर 2015 में अपनी फिल्म की शुरुवात की। इनकी पहली फिल्म “किस किस को मैं प्यार करू ” से अपना फिल्मी कैरियर शुरुवात की । इस फिल्म में कपिल लीड रोल करते हुए दिखाई दिए। यह फिल्म कॉमेडी और रोमांस पर निर्धारित थी। इसके बाद कपिल शर्मा फिर से अपनी एक फिल्म 1 दिसंबर 2017 में फिरंगी मूवी में पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाते हुए नजर आए।

हर इंसान अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष का सामना करता हैं। लेकिन कामयाबी वही हासिल करता हैं जिस इंसान की मेहनत और लगन में दम हैं। ऐसी ही कपिल जिनका टैलेंट आज उन्हे ऐसे मुकाम तक ले आया। जहा आज उनके कॉमेडी के चर्चे सुनाई देते है।

10 Interesting Fact About Kapil Sharma
  1. कपिल शर्मा एक प्रसिद्ध भारतीय हास्य कलाकार, अभिनेता, निर्माता और टेलीविजन प्रस्तुतकर्ता हैं, जो 2 अप्रैल, 1981 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे थे।
  2. फ़ेम पाने से पहले, कपिल अपने मूल निवास स्थान अमृतसर में एक थियेटर कलाकार के रूप में काम करते थे।
  3. उन्होंने 2013 में कलर्स टीवी पर प्रदर्शित होने वाले उनके हास्य शो “कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल” के साथ मशहूरी हासिल की।
  4. कपिल शर्मा अपनी तेज़ समझ और अपने हास्यपूर्ण मजेदार जोक्स से अपने दर्शकों को मनोरंजित करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
  5. उन्हें कई पुरस्कार मिले हैं, जिसमें भारतीय टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर-कॉमेडियन और सीएनएन-आईबीएन इंडियन ऑफ द ईयर एवॉर्ड इंटरटेनमेंट श्रेणी में शामिल हैं।
  6. 2016 में, कपिल शर्मा ने अपनी बॉलीवुड एंट्री “किस किसको प्यार करूं” के साथ की थी, जो बॉक्स ऑफिस पर एक वाणिज्यिक सफलता थी।
  7. 2018 में, कपिल ने अपना नया शो “द कपिल शर्मा शो” शुरू किया, जो भारत में सबसे अधिक देखे जाने वाले टेलीविजन शो में से एक बन गया।
  8. कपिल ने कई टेलीविजन अवॉर्ड शो की मेजबानी की है, जिसमें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स, स्टार गिल्ड अवॉर्ड्स और ज़ी सिने अवॉर्ड्स शामिल हैं।
  9. उनकी प्रोडक्शन कंपनी का नाम “के 9 प्रोडक्शंस” है, जिसके तहत उन्होंने कई टेलीविजन शो और फिल्में निर्माण की हैं।
  10. कपिल ने गिन्नी से शादी की , और उनके पास एक बेटी अनायरा शर्मा है।

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ELON MUSK

ELON MUSK THE FATHER OF INNOVATION

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ELON MUSK का जीवन परिचय

ELON MUSK

पूरी दुनिया में 95% व्यक्ति अपना जीवन साधारण तरीके से जीते है , लेकिन 5% कुछ सनकी लोग भी होते है जो कुछ असाधारण करने के लिए ही जन्म लेते है , जो समाज को जीने का एक नया नजरिया देते है ! अपनी क्षमता से बहार जाकर कुछ ऐसा कर जाते है जिसे लोग सदियों तक याद करते है

आज हम बात कर रहे है एक ऐसे इंसान की जिसे इनोवेशन और इनवेंसन का पिता भी कह सकते है , उनका नाम एलन मस्क (Elon Musk) है , इनका जन्म 28 जून 1971 को प्रिटोरिया, दक्षिण अफ़्रीका (Pritoriya, South Africa) में हुआ था। इनके पिता एरोल मस्क (Erol Musk) जो पेशे से इलेक्ट्रिक इंजिनर और पायलट थे। इनकी माता माए मस्क (Maye Musk) जो पेशे से आहार विशेषज्ञ थी। इनके माता पिता का कुछ ही समय में तलाक हो गया था और एलन मस्क ने अपने पिता के पास रहना तय किया

ELON MUSK

एलन मस्क की शिक्षा

एलन मस्क (Elon Musk) जो बचपन से ही किताबो में काफी रुचि रखते थे एलन मस्क ने अपना दोस्त अपनी किताबो को बना रखा था, जब वह काफी दुखी होते थे तब वह किताबो को पढ़ के ही अपना मन हल्का करते थे। यह बचपन से ही कंप्यूटर क्षेत्र में काफी रुचि रखते, जिसके चलते इनको टेक्नोलॉजी की काफी जानकारी भी थी। अपने पिता के साथ रहते हुए इन्होंने अफ्रीका से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्रिटोरिया बॉयज हाई स्कूल (Pretoria Boys High School) से पूरी की।

जिसके बाद उन्होंने कनाडा की क्वीन यूनिवर्सिटी (Queen University) से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। जिसके बाद इन्होंने 1992 में फिजिक में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री (Bachelor of Science) हासिल की और सन् 1995 में इन्होंने कैलिफोर्निया अमेरिका से अपनी पीएचडी की शुरुवात की। लेकिन किसी कारण इन्होंने 2 दिन में ही पीएचडी की पढ़ाई को बीच में छोड़ दिया।

ELON MUSK

शुरुवात की अपने कैरियर

एलन मस्क (Elon Musk) जिन्होंने अपनी पढ़ाई को पूर्ण करने के बाद अपने कैरियर की शुरुवात की, जब वह अमेरिका थे तो वह पीएचडी में लिया हुआ दाखिला छोड़ चुके थे। जिसके बाद इन्होंने अपने भाई साथ मिल कर अपनी पहली एक कंपनी का निर्माण किया। जिसका नाम उन्होंने Zip 2 रखा। यह कम्पनी एक न्यूजपेपर को सिटी गाइड करने का काम करती थी। जिसमे एलन मस्क के 7 प्रतिशत शेयर थे। थोड़े समय बाद इस कंपनी को compaq को दे दिया गया और इसमें से एलन को 22 मिलियन डॉलर मिले।

यह कम्पनी की शुरुवात उनकी पहली थी जिसके बाद उन्होंने रुकने का नाम नही लिया और बहुत सी कंपनी को खड़ा किया और उन सबको एक अलग पहचान दी। जी हा एलन मस्क की Zip 2 कंपनी के बाद x.com कंपनी का निर्माण किया। जिसका कार्य पैसों से संबंधित ट्रांजेक्शन का था। जो आज paypal के नाम से जानी जाती है। और इस कंपनी से एलन मस्क ने अपने हिसेदारी 165 मिलियन डॉलर लेकर छोड़ दिया था।

Space x का निर्माण

एलन मस्क (Elon Musk) जिनका सफर चलता ही जा रहा था और हर जगह वो अपनी अलग छाप छोड़े जा रहे थे। अब उनका इरादा स्पेस में हाथ जमाने का था एलन मस्क अब एक मिसाइल खरीदना चाहते थे जिसकी कीमत 8 मिलियन डॉलर थी। जिसके बाद उन्होंने अपना इरादा बदल कर वापिस आ गए। जैसे की हमने आपको बताया था की, एलन मस्क का अपनी किताबो के साथ काफी अच्छा संबंध था वह जो कार्य करते थे किताबो से पढ़ कर करते थे।

इसी तरह उन्होंने किताबो से बिना डिग्री के रॉकेट साइंस की जानकारी को हासिल किया। जिसके बाद उन्होंने 1 साल में अपना रॉकेट खड़ा कर दिया। थोड़ी निराशा की बात यह है की इस रॉकेट में उन्हे सफलता चौथे प्रयास में मिली थी जिसके बाद उनकी space X कंपनी का निर्माण हुआ । उनके तीनों प्रयास असफल रहे थे। लेकिन उन्होंने कभी भी हार नही मानी और अपनी सफलता को हासिल किया। आज नासा (NASA) भी उस रॉकेट का इस्तेमाल कर अंतरिक्ष तक पहुंचते है।

ELON MUSK

टेस्ला का हुआ निर्माण

एलन मस्क (Elon Musk) की कामयाबी यही नहीं रुकी। वो आज अपनी दुनिया से अलग सोच के कारण यहाँ तक पहुंचे है। एलन मस्क चाहते थे की दुनिया में लोग की गरीबी को कम किया जाए। और समाज का अच्छे रूप से निर्माण हो। Space X के निर्माण के बाद अब उन्होंने ऑटोमोबाइल में अपना हाथ जमाया। टेस्ला (Tesla) नामक कंपनी को तो हम सब जानते हैं। उसका निर्माण भी एलन मस्क द्वारा 2004 में किया गया। शुरुवाती दौर में यह कम्पनी इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाती थी लेकिन, उनकी लागत काफी महंगी थी जिसकी वजह से उसकी सेल काफी कम थी। जिसके बाद इन्होंने इस कंपनी में बहुत कुछ बदलाव किए और कम लागत में कार का निर्माण किया। जिस वजह से देखते ही देखते टेस्ला ने अपना पैर मार्केट में जमा लिया। टेस्ला आज जो बिना ड्राइवर के ऑटोमैटिक कार का निर्माण करती है जिसकी चर्चा चारो तरफ हैं।

एलन मस्क ने जिस भी क्षेत्र में अपना पैर रखा है उसको ऊंचाई तक जरूर पहुंचाया हैं। ऐसी ही टेस्ला के बाद 2006 में उन्होंने अपने चचेरे भाई की सोलर सिटी कंपनी को टेस्ला के साथ जोड़ दिया था। और आज सोलर सिटी कंपनी अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी सोलर कम्पनी हैं। एलन मस्क ने AI (artifical inteliigence) टेक्नोलॉजी को मार्केट में उतारा। आज सोलर सिटी और टेस्ला सस्ते लागत पर बहुत सी गाडियों का निर्माण कर के धूम मचा रही हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी का निर्माण

एलन मस्क (Elon Musk) ने 2015 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी की शुरुवात की। जिसका नाम ओपन ए आई (Open Ai) रखा गया। धीरे धीरे एलन मस्क ने 2016 में न्यूरोलिंक कंपनी का निर्माण किया और उसके फाउंडर बने। यह कम्पनी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्य करती है।

ELON MUSK
सीईओ ऑफ ट्विटर (CEO Of Twitter Elon Musk)

ट्विटर जो एक काफी बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं। जहा बड़े बड़े सेलिब्रिटी एक्टिव रह कर अपने विचारो को प्रकट करते हैं। ऐसे ही एलन मस्क को ट्विटर में काफी दिलचस्पी थी। वह ट्विटर पर काफी एक्टिव रहते थे। लेकिन 2022 में एलन मस्क में ट्विटर के सबसे ऊंचे दामों में शेयर ले कर ट्विटर 44 बिलियन डॉलर की बोली से खरीद लिया। जिसके बाद आज एलन मस्क ट्विटर के सीईओ (CEO) बने।

एलन मस्क की आय (Income of Elon Musk)

एलन मस्क (Elon Musk) आज दुनिया के सबसे अमीर इंसान में से एक हैं। जिनकी काबिलियत से आज आप जान सकते है। की इन्होंने अपनी जिंदगी में कभी हार नही मानी और हमेशा नई नई चीज पर कार्य करते रहे है। हमे मिली जानकारी के मुताबिक एलन मस्क की एक सेकंड की आय 3,33,000 है यानी एक मिनट की कमाई 2,11,00,000 रुपए है। जिसका मतलब उनकी एक दिन की कमाई 3048 करोड़ रुपए है। आज वह दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति हैं।

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Sunder Pichai

Sunder Pichai CEO of Google

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Sunder Pichai जीवन परिचय (CEO of Google)

भारत में बहुत से लोग हैं। जिन्होंने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई हैं। क्योंकि भारत में लोग अपनी मेहनत और लगन पर ज्यादा विश्वास रखते हैं। जिसके चलते वह काफी संघर्ष करने के बाद सफलता को जरूर हासिल करते हैं। आज ऐसे ही जाने माने लोगो में से एक नाम जो आज काफी प्रसिद्धि हासिल कर चुका है। आपने सुंदर पिचाई (Sunder Pichai) का नाम तो जरूर सुना होगा। उनका नाम नही तो गूगल को तो अवश्य ही जानते होगे।

क्योंकि आज के समय में गूगल (Google) हर व्यक्ति की रोजाना जिंदगी का सदस्य बन चुका है , जिसे आज हर तरह के लोग गूगल को यूज करके खुद की प्रोब्लम का सॉल्यूशन ढूंढते हैं। सुंदर पिचाई जो आज इसी गूगल कंपनी के सीईओ (CEO) है जिन्होंने अपनी काबिलियत से आज गूगल को इस मुकाम तक पहुंचाया है ।

Sunder Pichai

जीवन परिचय (Sunder Pichai)

आज हम जिन व्यक्ति की बात कर रहे है वह काफी जाने माने शक्स है। जिनका नाम सुंदर पिचाई (Sunder Pichai) है इनका जन्म 10 जून 1972 में तमिलनाडु (Tamilnadu) के मुदरई में हुआ था। यह काफी साधारण परिवार से तालुक रखते थे। जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक ठाक थी। इनके पिता रघु पिचाई (Raghu Pichai) जो पेशे से एक जूनियर इलेक्ट्री इंजिनर्स थे इनकी माता लक्ष्मी पिचाई (Laxmi Pichai) जो पेशे से स्टेनोग्राफर थी।

बचपन से ही इन्होंने अपने माता पिता को काफी संघर्ष करते हुए देखा है। इनका पूरा परिवार एक कमरे में रहता था वह अपना दूसरा कमरा इन्होंने किराए पर देर रखा था। सुंदर पिचाई का दिमाग बचपन से ही काफी तेज रहा है वह हर टेक्निकल चीज को काफी अच्छे से परखते थे उसके बारे में जानकारी को हासिल करते थे। जिस नतीजे से आज वह काफी उच्चे पद पर कार्य कर रहे है ।

वर्तमान में सुंदर पिचाई शादी शुदा है इनकी पत्नी का नाम अंजली पिचाई (Anjali pichai), वह इनके दो बच्चे भी है। अंजली पिचाई से सुंदर पिचाई में लव मैरिज की है यह अंजली को अपने इंजीनियरिंग के वक्त से जानते थे। आज अंजली पिचाई भी जॉब करती है ।

सुंदर पिचाई (Sunder Pichai) की शिक्षा

बचपन से ही सुंदर पिचाई पढ़ाई में तेज और होशियार रहे है पर इनका स्वभाव हमेशा काफी शांत और हर चीज को परखने का रहा है। इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई के जवाहर विघालय से 10वी तक पूर्ण की। जिसके बाद वह 12वी की पढ़ाई के लिए चेन्नई के वाना वाणी स्कूल चले गए। इनकी मेंटल स्ट्रेंथ (Mental Strength) की बात की जाए तो, एक समय पर इनके पिता एक फोन लेकर आए थे।

जिस वक्त सुंदर पिचाई ने पहली बार किसी टेक्निकल चीज को देखा था। जिसके बाद उन्होंने उसपे जो नंबर डायल किया, वो उन्होंने हमेशा याद रहता था। स्कूली शिक्षा को पूरा करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सोचा। जिसके बाद उन्होंने JEE की परीक्षा की खुद से तैयारी की, और उनका आईआईटी खड़कपुर में दाखिला हो गया। आईआईटी खड़कपुर से उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग (B.Tech) किया। इनकी पढ़ाई का सिलसिला इनको अमेरिका की और ले गया।



सुंदर पिचाई जिहोने B.Tech के बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका में उच्च स्नातक के लिए दाखिला ले लिया। आपको बता दे की, इनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी लेकिन इनके माता पिता ने कभी भी अपने बच्चो पर पढ़ाई को लेकर कोई कमी नहीं आने दी। जिसके चलते उनके पिता ने अपनी पूंजी से सुंदर पिचाई को आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका के लिए रवाना कर दिया। इसके बाद, 2002 में इन्होंने अमेरिका के ही व्हार्टन स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी, पेनसिलवेनिया से अपनी MBA की डिग्री हासिल की।

Sunder Pichai

गूगल कंपनी में दिया इंटरव्यू

सुंदर पिचाई ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपनी कैरियर की शुरुवात की। जिसमे उन्होंने 1 अप्रैल 2004 को गूगल में इंटरव्यू दिया, जिसमे उनकी सोच और उनके व्यूज से उनका सिलेक्शन हो गया और गूगल के लिए उन्हें अप्वाइंट कर लिया गया था जिनमे इनको गूगल टूलबार सर्च इंजन से सम्बंधित कार्य करने थे। जहा उन्हे गूगल टूलबार को और आकर्षित बना कर और दूसरे ब्राउजर को गूगल पर लाना था, पर सुंदर पिचाई का मानना था की दूसरे ब्राउजर को न लाकर खुद के ब्राउजर का निर्माण किया जाए।

इस बात को उन्होंने अपने सीईओ (CEO) को बताया जिन्होंने उस समय उस बात को नजर अंदाज कर दिया था। जिसके बाद 18 अक्टूबर 2006 की रात को माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल को उथल पुथल कर दिया था क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट ने वही काम कर दिया था जिसके लिए सुंदर पिचाई ने अपने सीईओ को जागरूक किया था उस वक्त माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल को हटा कर Bing internet explore को डिफाल्ट सर्च इंजन बना दिया था। जिसके बाद गूगल को 300 मिलियन कस्टमर का नुक्सान हुआ था।

गूगल को दी एक ऊंची उड़ान

जब गूगल को माइक्रोसॉफ्ट ने बरबाद कर दिया था तो इस बात के लिए सुंदर पिचाई ने अपने सीईओ को जागरूक किया था। जिसके बाद उनके सीईओ को यह बात याद आई और उन्होंने सुंदर पिचाई को अपने पास बुलाया। जिस वक्त सुंदर पिचाई और उनको टीम ने मिलकर गूगल टूलबार (Google toolbar) को लॉन्च किया। जिसके बाद उनका 300 मिलियन कस्टमर का हुआ नुकसान 80 प्रतिशत कस्टमर के प्रॉफिट में बदला। जिसको देख सीईओ सुंदर पिचाई की गूगल में वैल्यू समझ चुके थे। जिसके बाद कम्पनी उन्हे लेकर इनसिक्योर होने लगी।

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सुंदर पिचाई की काबिलियत ने गूगल को दिया एक अलग मुकाम

आज सुंदर पिचाई के बहुत से चर्चे है जिनमे उन्होंने अपने निजी जीवन को लेकर गूगल में कही चीज़ों का निर्माण किया। अब सुंदर पिचाई चाहते थे की वह अब अपना खुद का वेब ब्राउजर बनाए। जिसके बाद उन्होंने अपनी टीम को बुलाया और निर्देशानुसार काम शुरू किया। उनका मानना था की कोई भी कार्यकर्ता एक समय से ज्यादा काम न करे, जिस वजह से उन्होंने निर्देशानुसार काम करना शुरू किया।

लेकिन उनके आगे चुनौती यह थी की जिस वेब ब्राउजर को वह मार्केट में लॉन्च करना चाहते है उस मार्केट में पहले से ही कही कही इंटरनेट एक्सप्लोरर ने अपने पैर जमा रखे हैं। लेकिन उनकी मेहनत और लगन से उन्होंने गूगल क्रोम (Goggle Chrome Browser) को मार्केट में उतारा। जैसे ही Google Chrome Browser को मार्केट में लॉन्च किया गया। उसने पहले के सभी ब्राउजर को पीछे छोड़ दिया। जिसको देख गूगल को सुंदर पिचाई की वजह से एक और कामयाबी हासिल हुई।

जैसे – जैसे गूगल कामयाबी को हासिल कर रहा था यह सब देख गूगल में सुंदर पिचाई को प्रमोशन देकर गूगल का वाइस प्रेसिडेंट (Vice president) बना दिया। लेकिन इनके प्रमोशन का सफर यही नहीं थमा, उन्होंने गूगल के हर एप्लीकेशन में बदलाव किए, जिससे वह और भी अच्छी एप्लीकेशन बनते गए और गूगल को सफलता हासिल होती गई। जिसके बाद उन्हें 2012 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President) के पद पर प्रमोशन दे दिया गया।

सुंदर पिचाई की गूगल में एक ऐसी अलग पहचान बन चुकी थी की गूगल का मानना था की उनको कोई भी प्रोडक्ट दे दिया जाए। वह उसमे जान डाल कर उसको कामयाबी दे देंगे। ऐसे करते करते हर प्रोडक्ट में वो जान डालते गए। जिसके बाद गूगल ने उनका प्रमोशन सीईओ ऑफ गूगल (CEO of Goggle ) के पद पे कर दिया था। आज वह वर्तमान में गूगल के CEO के रूप में कार्यरत है।

बड़ी–बड़ी कम्पनी से मिलने लगे ऑफर

सुंदर पिचाई की काबिलियत की चर्चा सभी जगह होने लगी। जिसके बाद उनके कामयाबी के चर्चे हर कम्पनी में होने लगी। जिसे सुन कर हर कोई उन्हे अपनी कम्पनी का सदस्य बनाना चाहती थी। यहाँ तक की ट्विटर जैसी मानी कंपनी ने उन्हे सीधा CEO बनने का मौका दिया। ट्विटर के साथ साथ माइक्रोसॉफ्ट ने भी उन्हे अपना तीसरा CEO बनने का मौका दिया। यह सब जब गूगल को पता लगा। तो वह सुंदर पिचाई को लेकर इनसिक्योर हो गई। जिसके बाद गूगल ने उन्हे सीईओ (CEO) के पद पर प्रमोशन दे दिया।

सुंदर पिचाई की आय

सुंदर पिचाई में अपनी पूरी मेहनत और लगन से आज गूगल को बहुत कुछ दिया है। जिसके बाद गूगल ने काफी ऊंचाई को हासिल किया। जिस वजह से आज गूगल सुंदर पिचाई को दिल खोल के सैलरी देता है। जानकारी की माने तो गूगल सुंदर पिचाई को दिन के 6 करोड़ रुपए देता है वह मासिक उन्हे 103 करोड़ रुपए सैलरी दी जाती है। और उनकी नेट वर्थ 96 अरब है।

प्रेरणा

सुंदर पिचाई जो एक मध्य परिवार से तालुक रखने वाले इंसान जो आज बहुत सी सफलता को हासिल कर चुके है। आज की युवा को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए की जिस भी कार्य को करो। तो उसे ऐसी लगन से करो की उसके चर्चे पूरी दुनिया में हो। शुरुवाती में सुंदर पिचाई को गूगल साथ काम करना पसंद नहीं थे। लेकिन आज वह उसी कंपनी के सीईओ है। और पूरी दुनिया में उनके चर्चे है ।

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Vineeta Singh जीवन परिचय (CEO of Sugar Cosmetics)

आज हम गर्व से कह सकते हैं की हमारा भारत भी काफी आगे बड़ चुका हैं। क्योंकि एक समय था जब लड़कियो पर काफी तरह की रोक टोक थी। लेकिन आज के समय में लड़किया भी लड़को की तरह हर तरह के क्षेत्र में उभरती हुई दिखाई दे रही हैं। यहां तक हमारे भारत में बहुत सी लड़कियां हैं जो अपने व्यवसाय से खुद का नाम रोशन कर रही हैं। और सालाना करोड़ों रुपए कमा रही हैं।

Vineeta Singh

आज हम एक ऐसी उभरती हुई महिला की बात करेंगे। जिसने एक वक्त पर करोड़ों की नौकरी को ठुकरा कर अपना व्यवसाय की शुरुवात की और अपनी कंपनी की सीईओ और फाउंडर (CEO or Founder) है। आज वह महिला जानी मानी बिजनेस वूमेन में से एक हैं।

कौन है विनीता सिंह (Vineeta Singh)

आज हम जिस महिला की बात कर रहे है। उनका नाम विनीता सिंह (Vineeta Singh) है। जिनकी आज के समय में 3000 करोड़ रुपए की कंपनी है। जो आज कल काफी सुर्खियां बटोरती हुई नजर आ रही है। इनका जन्म सन् 1983 में दिल्ली (Delhi) में हुआ था। इनके पिता जिनका नाम तेज सिंह (Tez Singh) है जो पेशे से दिल्ली के ऑल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (All Indian Institute of Medical science) में साइंटिस्ट के पद पर कार्य करते है।

इनकी माता जो पेशे से इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indiam council of medical resarch) में कार्य करती है। विनीता सिंह जो अपने माता पिता की इकलौती संतान है। अपने माता पिता को कार्य करता देख वह भी चाहती थी की वो भी कुछ ऐसा काम करे। जिसके चर्चे भारत में ही नही पूरे विश्व में हो।

वर्तमान की बात की जाए। तो विनीता सिंह अपने मुंबई के घर में अपने पति और अपने दो बच्चो के साथ रहती है। और इनके पति ने इनके व्यवसाय में इनका साथ देते है

कहा से प्राप्त की विनीता सिंह ने अपनी शिक्षा

विनीता (Vineeta Singh) के माता पिता जो काफी पढ़े लिखे और अच्छे पद पे काम करते थे। जिसकी वजह से विनीता को उनके माता पिता ने उन्हे पढ़ने की लिए हमेशा जागरूक किया। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई आर. के पुरम के दिल्ली पब्लिक (R k Puram Delhi Public School) से की। अपनी स्कूली शिक्षा को पूर्ण करने के बाद उन्होंने 2001 में आईआईटी (IIT) के लिए चयन किया, जिसके बाद उनका दाखिला आईआईटी मद्रास में हुआ। जहा उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग (B.Tech) की पढ़ाई को पूरा किया। इनकी पढ़ाई का सिलसिला यही नहीं रुका। सन् 2005 में उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmadabad) से अपनी एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की।

Vineeta Singh

शुरू हुई जिंदगी की पहली सीढ़ी।

आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए के साथ साथ इनको कैंपस से ही नौकरी का ऑफर मिल गया था जिसमे विनीता सिंह (Vineeta Singh) को 1 करोड़ का ऑफर दिया गया। जिसमे उन्हे इन्वेस्टमेंट बैंकर (Investment Banker) के पद पे कार्य करना था। विनीता सिंह (Vineeta Singh) को लगता था की यह नौकरी उनके लिए नहीं है। क्योंकि वह कुछ ऐसा चाहती थी की जिससे उनका खुद का नाम हो।

जिसके बाद उन्होंने यह 1 करोड़ वाली नौकरी को छोड़ दिया और अपने स्टार्टअप की और रुख किया। जहा उन्होंने 2 स्टार्टअप की शुरुवात की जिसमे दोनो में वह असफल रही। पहला स्टार्टअप उन्होंने अपनी एक दोस्त के साथ मिलकर मैगजीन का शुरू किया। जिसमे वो 3 रुपए में घर घर जा कर बेचती थी। जिसमे वह असफल रही और इस स्टार्टअप को उन्होंने बंद कर दिया।

नए बिजनेस की हुई शुरुवात

जब उनका पहला स्टार्टअप असफल रहा तो उन्होंने हार नही मानी और अपना सफर दुबारा से शुरू किया। जहा उन्होंने खुद का एक ब्रांड बनाने का सोचा पर वो कार्य भी किसी कारण असफल रहा। जिसके बाद उन्होंने नया बिजनेस सोचा । जिसका नाम उन्होंने क्रिस्टल वेरिफाई प्राइवेट लिमिटेड (Cristal verify private ltd ) रखा।

जिसमे उनकी यह कम्पनी दूसरी कंपनियों के नए कर्मचारियों को कंपनी के बैकग्राउंड की जानकारी देती थी। लेकिन इस कार्य में भी उनको सफलता हासिल नहीं हुई। उनको इस बिजनेस से 10000 रुपए ही कमाई हो रही थी जिस वजह से उन्हें इस बिजनेस में वो नहीं मिला। जो उन्होंने सोचा था। आपको बता दे की, यह बैकराउंड वेरिफाई का बिजनेस उन्होंने 5 साल चलाया था। जिसके बाद यह बिजनेस उन्होंने बंद कर दिया।

न्यू प्रोडक्ट को किया लांच

विनीता सिंह (Vineeta Singh) ने अपनी असफलता से इतना कुछ सीख लिया था। की उनको मार्केट की काफी गहराई से पहचान हो चुकी थी। जिसके बाद उन्होंने अपनी नई बिजनेस की शुरुवात करना चाहा। उन्होंने अपने पहले बिजनेस से मार्केट में काफी रिसर्च कर चुकी थी। जिस वजह से उन्होंने देखा की भारत में ब्यूटी प्रोडक्ट को लेकर मार्केट बिलकुल खाली है।

इसलिए उन्होंने इस अवसर को अपनी सफलता बनाना चाहा। इसके चलते उन्होंने सन् 2012 में अपना नया बिजनेस FAB BAG का स्टार्टअप किया। FAB BAG का स्टार्टअप पूरा सब्सक्रिट्शन पर आधार था जिसमे 599 रुपए की वह कीट बना के महिलाओं को देती थी

जैसे जैसे समय बदल रहा था तो महिलाओं को भी ब्यूटी प्रोडक्ट को लेकर मांग बड़ने लगी थी जिसके चलते विनीता सिंह (Vineeta Singh) ने देखा की भारत में ब्यूटी प्रोडक्ट के बहुत कम ब्रांड है। जिसके बाद उन्होंने मार्केट और महिलाओं की ब्यूटी प्रोडक्ट को लेकर डिमांड देखनी थी जिसकी वजह से सबसे पहले प्रोडक्ट को खुद यूज किया करती थी। और फिर महिलाओं को यूज करने के लिए कहती और उनसे अपने प्रोडक्ट का फीड बैक मांगती थी।

Vineeta Singh
महिलाओं के हिसाब से बनाए ब्यूटी प्रोडक्ट

जैसे जैसे उन्हे महिलाओं से फीड बैक मिला , तो उन्होंने जाना की भारत में जो भी ब्रांड है वह महिलाओं के स्किन टाइप के नही है। जिसके चलते वे प्रोडक्ट सिर्फ ग्लो देते हैं। लेकिन भारत की महिला को ऐसे प्रोडक्ट चाहिए थे। जो पूरा दिन चले, क्योंकि भारत के वातावरण के कारण महिलाओं को ऐसे प्रोडक्ट नही चाहिए थे, जो सिर्फ ग्लो दे।

जिसके बाद उन्होंने 2015 में अपना ब्रांड शुगर कॉस्मेटिक्स (Sugar cosmetics) की शुरुवात की। जिसमे उन्होंने अपने 2 प्रोडक्ट को लॉन्च किया । एक आईलाइनर और एक काजल जो (Matte Products) थे। इन प्रोडक्ट को भारत ही नहीं विदेश में भी लोगो ने प्यार दिया। प्रोडक्ट के लॉन्च के बाद जब लोगो ने इनके प्रोडक्ट को काफी पसंद किया। तो उसके बाद उन्होंने प्रोडक्ट के साथ उसकी पैकिंग पर भी पूरा ध्यान दिया ।

उनका कहना था की वो ऐसी पैकिंग रखना चाहती है की जो लोगो को बेहद पसंद आए और अपनी और आकर्षित करे। जिसके बाद उन्होंने पैकिंग पे बेहद खर्च किया। उन्होंने अपने प्रोडक्ट को काफी जगह लॉन्च किया, जहा लोगो ने इनके प्रोडक्ट को बहुत प्यार दिया।

एप का किया निर्माण

प्रोडक्ट को प्यार मिलने के बाद विनीता सिंह ने मार्केट में अपना एप लॉन्च किया । जहा 1.5 मिलियन लोगो ने इस एप को डाउनलोड किया और अच्छी खासी रेटिंग दे कर प्रोडक्ट को प्यार दिया। विनीता सिंह ने 2019 में ऑफलाइन पहला आउटलेट शुरू किया था। आज उनके 130 से ज्यादा अलग अलग देशों में आउटले हैं। और आज वह अपनी 3000 करोड़ कंपनी की मलिक है।

हासिल की सफलता

अपने प्रोडक्ट को लॉन्च करने के बाद विनीता सिंह का ब्रांड धीरे धीरे चर्चा में आने लगा और वक्त के साथ साथ आज के समय में इनके हर तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। जब विनीता सिंह ने अपनी 1 करोड़ की नौकरी को ठुकराया था । तो लोगो ने कही तरह के प्रश्न उठाए थे। लेकिन उस वक्त विनीता सिंह को खुद पर अटूट विश्वास था की वो अपना व्यवसाय जरूर खड़ा करेगी । आज विनीता सिंह (Vineeta Singh) एक जाने माने कार्यकर्म शार्क टैंक (Shark Tank) में इन्वेस्टर के रूप में आज की नई पीढ़ी को फंड देती हुई नजर आती हैं।

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Alakh Pandey

Alakh Pandey जीवन परिचय

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Alakh Pandey – Physics Wallah

मुश्किलें हर किसी के जीवन में आती है । हर इंसान अपनी जिंदगी में किसी न किसी मुश्किल का सामना जरूर कर रहा होता हैं क्योंकि मुश्किलों का सामना करना ही जिंदगी है। लेकिन हमारे हाथ में सिर्फ यही होता की, जो मुश्किल हमारी जिंदगी में आई हैं। उसका सामना कर कैसे उसका हल निकाला जाए। जैसे की हम सब जानते हैं की साल 2020 ने हर किसी की जिंदगी को उथल–पुथल कर दिया था क्योंकि इस साल कोरोना महामारी ने दस्तक दी थी जिसके वजह से काफी लोग बेरोजगार हो गए और काफी लोगो को नुकसान झेलना पड़ा। परंतु, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होने महामारी के दौरान इस परिस्थिति का फायदा उठा कर खुद की सोच से खुद को इतना ऊंचा उठाया की आज सफलता उनके कदम चूम रही हैं।

Alakh Pandey

हम सब जानते हैं कोरोना महामारी के दौरान हर चीज बंद कर दी गई थी और सारे कामो को ऑनलाइन कर दिया गया था, चाहे वो नौकरी हो या चाहे स्कूल, कॉलेज हर चीज को ऑनलाइन कर घर पर ही बच्चो की पढ़ाई शुरू कर दी गई थी जिसमे टीचर बच्चो को ऑनलाइन पढ़ा रहे थे । इसी दौरान हर तरह की पढ़ाई को ऑनलाइन कर दिया गया था चाहे वो NEET हो या गवर्मेंट एग्जाम की तैयारी और इसी चीज को देखते हुए अलग–अलग कंपनी ने ऑनलाइन क्लासेस चलानी शुरू की जिसमे एक व्यक्ति ने भी अपनी कंपनी को आगे बढ़ाया जिसका नाम है “Physicswalla” (फिजिक्सवाला), जो अलख पांडेय (Alakh Pandey) द्वारा चलाई जाती है। जिसने आज एक ऐसी कंपनी खड़ी की जिसकी कीमत 777 करोड़ की है !

जानते हैं अलख पांडेय (Alakh Pandey) के बारे में

अलख पांडेय (Alakh Pandey) जिनकी कंपनी आज भारत के यूनिकॉर्न कंपनियों में से 101 स्थान पर है, अलख ने इस कंपनी का निर्माण वर्ष 2017 में किया था। जो आज एक पेशे से शिक्षक है जिनका जन्म 2 अक्टूबर 1991 को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश (Pryagraj, Uttar Pradesh) में हुआ था। इनके परिवार में इनके पिता सतीश पांडे (Satish Pandey) और इनकी माता रजत पांडे (Rajat Pandey) और इनकी एक छोटी बहन अदिति (Aditi)।

जिन्होने एक अभिनेता बनने का सपना देखा था लेकिन, कहते है न कब जिंदगी अपना रुख बदल ले किसी को नही पता, ठीक इसी तरह अलख (Alakh Pandey) की जिंदगी भी उन्हे कही और ले गई। क्योंकि अलख जब छोटे थे और 8वी कक्षा में पढ़ते थे तब उनके घर की हालत काफी खराब थी जिसे देख उन्होंने 8 वी कक्षा से ही ट्यूशन पढ़ानी शुरू कर दिया था। क्योंकि अलख बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे जिसकी वजह से उन्हे पढ़ाई में काफी रुचि थी और आगे पढ़ाई करने के लिए उन्होंने बच्चो को ट्यूशन दी जिससे वो अपनी आगे की पढ़ाई कर सके।

अलख पांडेय (Alakh Pandey) की शिक्षा

जैसे की हमने आपको बताया की अलख की परिवार की आर्थिक स्थिति सही नही थी जिसके चलते उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा प्रयागराज में ही विशप जॉनसन स्कूल से पूर्ण की। जिसके बाद वह चाहते थे की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करे। जिसके लिए उन्हें कोचिंग सेंटर में दाखिला लेना था। लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण वे दाखिला नहीं ले पाए और अपने सपने को वही रोक दिया।

जिसके बाद उन्होंने स्नातक (B.Tech) के लिए खुद से परीक्षा को तैयारी की और हार्कोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी कानपुर (Harcourt Butler Technical University, kanpur) में दाखिला लिया। उनके पिता ने आर्थिक तंगी के चलते लोन लेकर अलख का दाखिला स्नातक (Engenering) में करवाया था। लेकिन आपको बता दे की, अलख अपनी पढ़ाई के साथ साथ एक कोचिंग सेंटर पर बच्चो को पढ़ाना शुरू किया। जिसके उन्हे 1 महीने के 3000 रुपए मिलते थे।

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Alakh Pandey

शुरू किया सफलता की सीढ़ी चढ़ना

अलख (Alakh Pandey) जिनकी रुचि पढ़ाने में ज्यादा होने लगी, और साथ ही साथ वह बचपन से ही अपनी पढ़ाई में काफी बुद्धिमान थे। उन्होंने B.Tech करने के लिए HBTI कानपुर में दाखिला ले कर अपनी पढ़ाई को पूरा किया और B.Tech की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद अलख ने उसी कॉलेज में प्रोफेसर के तौर पर बच्चो को पढ़ाना शुरू किया।

जब वो बच्चो को पढ़ाते थे तो वह अपना लेक्चर रिकॉर्ड कर युटुब पर उनके चैनल फिजिक्वाला पर डाल देते थे। क्योंकि हम सब जानते हैं की आज कल जो लोग कोचिंग सेंटर नही जा सकते वे यूट्यूब के जरिए अपनी पढ़ाई के लिए काफी विडियोज देखते है और धीरे–धीरे लोगो को अलख की डाली हुई विडियोज बेहद पसंद आने लगी और देखते ही देखते उनके सब्सक्राइबर बड़ने लगे। यह सब देख अलख काफी हैरान थे

निर्माण किया खुद के एक एप का

इंसान की तरक्की धीरे–धीरे होती है ठीक इसी तरह अलख भी अपनी तरक्की के राह पर निकल पड़े थे जब उन्होंने देखा की लोग उनकी डाली हुई विडियोज को पसंद करने लगे हैं तो उन्होंने कुछ ऐसा करने का सोचा जिसमे हर बच्चो को तैयारी करने का मौका मिल। क्योंकि एक वक्त ऐसा भी आया था जब अलख को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करनी थी लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनके लिए फीस भरना मुश्किल हो गया था और अपना सपना वही छोड़ दिया था।

जिसके बाद उन्होंने सोचा जो उनके साथ हुआ ऐसा कितने बच्चो के साथ होता होगा, जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन आर्थिक तंगी के करना अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते। तो वो चाहते थे की उनके एप के जरिए कम पैसों में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सके। यही सब सोचते हुए उन्होंने एक एप का निर्माण करने का सोचा जिसका नाम उन्होंने फिजिक्सवाला (PhysicsWalla) ही रखा।

आपको जान कर हैरानी होगी, की उनके द्वारा दी गई क्लासेस को बच्चो काफी पसंद करने लगे जिससे देख बच्चे उनके और आकर्षित होने लगे। जिसकी वजह से 50 लाख लोगो ने इस एप को डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल किया।

4 करोड़ के ऑफर को ठुकराया

अलख पाण्डेय (Alakh Pandey) को 4 करोड़ रुपए के पैकेज का ऑफर मिला। जो ऑफर उन्हे Unaccademy प्लेटफॉर्म के द्वारा दिया गया था जिसमे उन्हे अनअकैडमी ( Unaccdmey ) के साथ जुड़ कर बच्चो को शिक्षा देनी थी, लेकिन अलख ने इस ऑफर को साफ इंकार कर खुद के पेज को कंपनी में रजिस्टर्ड करवा लिया। जिसकी वजह से उनकी एक खुद की कंपनी बन गई । जो आज काफी मशहूर हैं। और बच्चो को कम फीस में अच्छी शिक्षा प्रदान कर रहा हैं। जहा बच्चे खूब मन लगा के पढ़ाई करते हैं और साथ ही साथ अपने एग्जाम की तैयारी करते हैं , कंपनी को इतनी ऊंचाई मिली की इनकी कंपनी की सालाना इनकम 1.1 अरब डॉलर है।

कमाया अच्छा प्रॉफिट
जिंदगी कब कैसा रुख ले ले किसी को नही पता ठीक इसी तरह अलख ने शुरू में एक कोचिंग सेंटर से पढ़ाना शुरू किया था जहा उन्हे महीने के 3000 रुपए मिलते थे। और आज वह एक कंपनी का निर्माण कर चुके है । जिसमे उन्हे 2021 में 24.62 करोड़ रूपये कमाए। जिसमे से उनका प्रॉफिट 6.93 करोड़ रुपए है। और आज उनके यूट्यूब पर 70 लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। अलख का देखा हुआ सपना सच हो रहा है। उनके द्वारा पढ़ाए गए बच्चे आज अच्छी अच्छी नौकरी को हासिल कर रहे हैं।

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Srila Prabhupada

Srila Prabhupada जीवन परिचय

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Srila Prabhupada जीवन परिचय

हमारा भारत एक ऐसा देश हैं। जो युगों – युगों से आध्यात्मिक चीजों को मानता आया हैं। जहां बहुत से धार्मिक गुरु ने जन्म लिया और भारत को एक धार्मिक रूप दिया। आज हम एक ऐसे ही संत की बात करेंगे, जो आज देश ही नहीं विदेश में भी काफी चर्चित हैं। क्योंकि ये वो संत गुरु है जिन्होंने श्री कृष्ण जी का अनुवाद भारत के साथ साथ विदेश के हर कोने कोने में किया। आज अंग्रेजी भाषा में लिखी गई श्रीमत भागवत कथा और कई पुस्तको का अनुवाद इन्ही संत द्वारा विदेश में किया गया है।

Srila Prabhupada

आज हम एक ऐसे संत गुरु की बात कर रहे हैं। जो बचपन से ही आध्यात्मिक रास्ते की और ज्यादा रुचि रखते थे। जिनका नाम महान अभय चरारविंद भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद जी ( Mahan Abhay charnarvind Bhaktivedant Swami Prabhupad ji)। जिनका जन्म 1 सितंबर 1896 में कोलकाता (Kolkata) में बंगाली परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम गौर मोहन (Gor Mohan) और इनकी माता का नाम रजनी (Rajni) था। स्वामी प्रभुपाद जी बचपन से ही आध्यात्मिक पुस्तको में ज्यादा रुचि रखते थे जिसके चलते इन्होंने अपना पूरा जीवन श्री कृष्ण जी को समर्पित कर दिया था। ऐसा नहीं था की इनकी रुचि आध्यात्मिक की और होने के कारण पढ़ाई में नही था। बल्कि इनकी पढ़ने की क्षमता काफी तेज थी और स्वामी प्रभुपाद जी अंग्रेजी भाषा में काफी तेज और काफी शुद्ध तरह से अंग्रेजी भाषा बोला करते थे।

गुरु से हुई मुलाकात
स्वामी प्रभुपाद जी (Srila Prabhupada) जिन्होंने अपने गुरु से शिक्षा ले कर, अपने जीवन को धन्य किया। जी हा उनकी मुलाकात सन् 1922 में कोलकाता में गुरु शिल्प सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी (Guru shilp Sidhanth Sarswati Goswami) से हुई थी । जब स्वामी प्रभुपाद जी को सरस्वती गोस्वामी ने देखा तो वह उन्हे देख के समझ गए थे की ये कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। जिसके बाद जब उन्होंने उनको अंग्रेजी भाषा बोलते हुए देखा तो वह देख के काफी आश्चर्य चकित हो गए थे। क्योंकि उनका कहना था की इतनी अच्छी अंग्रेजी कोई कैसे बोल सकता हैं। जिसके बाद प्रभुपाद जी सन् 1933 में उनके शिष्य बन गए और सरस्वती गोस्वामी साथ हुई बैठक में प्रभुपाद जी को अंग्रेजी भाषा में वैदिक ज्ञान का अनुवाद करने को कहा।

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श्रीमत भागवत कथा का अनुवाद किया अंग्रेजी में (Srila Prabhupada)

श्री प्रभुपाद को शास्त्रों को पढ़ना और लोगो को समझाना काफी अच्छा लगता था और यह सब जब उनके गुरु सरस्वती गोस्वामी ने देखा तो उन्होंने अपने शिष्य प्रभुपाद जी को बुलाया और बोला की तुम अंग्रेजी में काफी अच्छे हो, जिसको देख में चाहता हु की श्री मत भागवत कथा और अन्य शास्त्रों का अनुवाद अंग्रेजी में किया जाए और इसे भारत के अलावा विश्व के हर कोने में फलाया जाए। यह सुन प्रभुपाद जी ने एक सेकंड नहीं लगाया और तुरंत कहा की ये मैं अवश्य करूंगा। अपने गुरु जी की बात को मानते हुए उन्होंने श्री मत भागवत गीता वे कही अन्य शास्त्रों को हिंदी में पढ़ कर अंग्रेजी में अनुवाद करना शुरू किया। जिसको देखते ही देखते उन्होंने पूरी भागवत गीता का अनुवाद अंग्रेजी में कर दिया था।

घर छोड़ निकल पड़े
अपनी गृहस्थी को छोड़ स्वामी प्रभुपाद जी (Srila Prabhupada) अपने घर से झोला उठा कर निकल गए थे। लेकिन उनको ये नही पता था की उनको आखिरकार जाना कहा है। जिसके बाद उन्होंने काफी सोच विमर्श कर विदेश अमेरिका जाने का सोचा और वह अमेरिका के लिए निकल गए। जब वह अमेरिका पहुंचे तो उन्हे नही पता था की उन्होंने किस मोड़ पे जाना हैं। लेकिन वहा के लोग उनको संत की वेश भूषा में देख काफी हसने लगे। उस परस्थिति में भी प्रभुपाद जी ने हिम्मत ना हारते हुए, कुछ ऐसा सोचा । जिससे अपने शास्त्रों का अनुवाद कैसे करे।

क्योंकि वह अपने गुरु द्वारा कही बात को खाली नहीं जाने देना चाहते थे। जिसके बाद उन्होंने अमेरिका में हिप्पी नाम लोगो के बारे में जाना और सोचा की क्यों ना भागवत कथा का अनुवाद इन्ही लोगो से शुरू किया जाए। लेकिन वह लोग हर वक्त नशे में रहते थे। उनका अनुवाद उन्हे समझ ही नही आता था। जिसके बाद प्रभुपाद जी ने उनसे पूछा की तुम हर वक्त नशा क्यो करते हो, जिसका जवाब उन्होंने दिया की ये नशा हमारा स्टेटस बताता हैं। यह सुन प्रभपाद जी ने उनसे कहा की में तुम्हे एक ऐसा नशा बताऊंगा। जिसमे अगर तुम लीन हो गए तो उस नशे से बाहर आने का मन नहीं करेगा। यह सुन कर उन्होंने उस नशे के बारे में पूछा तो, प्रभुपाद जी ने भजन कीर्तन शुरू किया। जिसके बाद उन लोगो को काफी पसंद भी आने लगा और वह प्रभुपाद जी के साथ जुड़ कर उनके शिष्य बन गए।

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ISKON की स्थापन (Srila Prabhupada)

इस्कॉन (ISKON) की स्थापना स्वामी प्रभुपाद (Srila Prabhupada) ने की थी। ISKON जिसका नाम International Society for Krishna Consciousness है यह वो जगह है जो काफी पवित्र है और आज इस्कॉन मंदिर देश ही नही विदेश में कुल 108 मंदिर बन चुके हैं। आज के समय में इस्कॉन का सबसे बड़ा मंदिर जो वृंदावन में स्थित है।

(ISKON) इस्कॉन मंदिर की है काफी मान्यता
आज जितने भी इस्कॉन मंदिर स्थापित हुए वह सब प्रभुपाद जी (Srila Prabhupada) द्वारा बनाए गए हैं। इनकी लगन और मेहनत से यह अपने गुरु जी द्वारा बोली हुई बात पर सफल हुए थे। इन्होंने देश विदेश के कोने कोने में भागवत कथा और अन्य शास्त्रों का अनुवाद किया था। और कई ऐसे देश के लोग इनके साथ जुड़ने लगे थे जो इनके साथ इस्कॉन मंदिर का अनुवाद कर रहे थे। क्योंकि प्रभुपाद जी का कहना था की वह चाहते थे की वह अपना शरीर त्यागने से पहले अधिक से अधिक पुस्तको को बाटा जाए और उसके बारे में लोगो को प्रेरित किया जाए। इनकी यही लगन और मेहनत जो यह पूरे दिन 24 घंटो में से 22 घंटे अपने काम को करते रहते थे जिसके चलते शास्त्रों की पुस्तको को 5.50 करोड़ से भी अधिक पुस्तके बाटी गई। धार्मिक रास्ते पे चलने के साथ–साथ यह दान पुनय में काफी विश्वास रखते थे जिसके चलते इन्होंने कही गरीब बच्चो को खाना खिलाया करते थे। और आपको बता दे की 14,00,000 बच्चो को फ्री में इस्कॉन मंदिर में भोजन करवाया जाता हैं।

प्रभुपाद जी ने त्याग दिया था शरीर
सन् 14 नवंबर 1977 को स्वामी प्रभुपाद जी (Srila Prabhupada) ने अपने शरीर त्याग प्रभु चरणों में लीन हो गए। लेकिन आपको बता दे की अपने वृद्ध अवस्था में भी स्वामी प्रभुपाद जी ने लिखना नहीं छोड़ा था। स्वामी प्रभुपाद जी जिन्होंने अपना पूरा जीवन अपने श्री कृष्ण जी को समर्पित कर उनको सेवा में लगा दिया और दान पुनय कर, लोगो को काफी प्रेरित कर अपने शास्त्रों का विदेश में अंग्रेजी में अनुवाद किया था। ऐसे संत गुरु स्वामी प्रभुपाद जी को शत शत नमन।

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Kumar Vishwas

Kumar Vishwas जीवन परिचय

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Kumar Vishwas Biography in Hindi

Kumar Vishwas

आज हम जिस कवि और लेखक की बात कर रहे है उनका नाम कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) है जिनका जन्म 10 फरवरी 1970 में पिखुवा, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश (Pikhuva, Gajiabad Uttar pradesh) में एक साधारण हिंदू परिवार में हुआ था। और पेशे से वह एक कवि और लेखक है साथ ही साथ आम जनता पार्टी राजनीति में नेता भी रह चुके हैं। इनके पिता डॉ चंद्र पाल शर्मा (Dr Chander Pal Sharma)। जो पेशे से एक शिक्षक है इनकी माता रामा शर्मा (Rama Sharma) जो एक गृहणी है। कुमार विश्वास अपने घर में सबसे छोटे बच्चो में से एक है। आपको बता दे की उनके तीन भाई और एक बहन है। और वर्तमान में कुमार विश्वास जो शादी शुदा है उनका परिवार है और उनकी दो बेटियां हैं।

पूर्ण की अपनी शिक्षा
कुमार विश्वास जिन्हे कविताओं का काफी शौक था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पिखुवा के लाल गंगा सहाय विश्विद्यालय से पूरी की । इसके बाद उन्होंने राजपूताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज से 12वी की शिक्षा पूरी की । इसके बाद इन्होंने अपनी स्नातक हिंदी (MA) मेरठ, विश्विघालय से पूरी की ओर लोकगीतो में पीएचडी पूर्ण कर प्रोफेसर बन गए।
आपको बता दे, की जब उनकी शिक्षा का समय आया तो उनके माता पिता चाहते थे की वो इंजीनियर की पढ़ाई कर इंजीनियर बने। लेकिन उनकी रुचि कविताओं में ज्यादा होने के कारण उन्होंने हिंदी (M.A) में दाखिला लिए। जिसके बाद उन्होंने अपने सपने की और रुख किया और आज के समय में वह एक काफी जाने माने प्रसिद्ध कवि और लेखक है।


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हिंदी साहित्य को दिया नया नाम

कुमार विश्वास Kumar Vishwas जो कविताओं में काफी रुचि रखते थे जिसके बाद उन्होंने हिंदी साहित्य से अपनी स्नातक पूर्ण की। शुरुवाती दौर में उन्होंने अपनी करियर की शुरुवात एक शिक्षक के रूप में की। धीरे –धीरे वे हिंदी साहित्य को एक ऐसा नाम देना चाहते थे जिस वजह से वह काफी प्रसिद्ध हो सके। जैसे –जैसे वक्त बीता उन्होंने अपनी कविताओं की रुचि से कवि समेलन शुरू किए। जिसके बाद वह इतना उभरे की आज उन्हे हर बच्चा बच्चा जनता है आज कुमार विश्वास को किसी भी पहचान की जरूरत नहीं है।क्योंकि आज वह देश विदेश में एक सबसे अलग तारा बन कर चमक रहे है।

कुमार विश्वास लिखते है कही कविताएं
कुमार विश्वास जो बचपन से ही साहित्य में काफी रुचि रखते थे। जो आज काफी प्रसिद्ध कवि बन चुके है। शुरुवाती जीवन में इन्होंने 16 वर्षो तक बच्चो को शिक्षा दी है। और आज वह अपने द्वारा कई विषयों पर कविताओं को लिखते है। कविता के साथ साथ वो टीवी कार्यक्रम गानों के लिए लिरिक्स लिखते है मैगजीन के लिए आर्टिकल लिखते व अन्य कई सामाजिक मुद्दों पर भी देश को जागरूक करने के लिए लिखते हैं।

Kumar Vishwas

राजनीति में प्रवेश

वर्ष 2011 में कुमार विश्वास जो राजनीति में प्रवेश कर चुके थे। उस समय उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ गठन कर लिया था। कुमार विश्वास का कहना है की उस वक्त बिल को ले कर काफी विवाद चल रहा था जिस वक्त कुमार विश्वास अन्ना हजारे और केजरीवाल सब उस वक्त एक साथ कंधा से कंधा मिला कर चल रहे थे। जिस कारण उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ गठन किया और आज वह आम आदमी पार्टी के सदस्यता से इस्तीफा दे चुके है।

कई पुरस्कारों से नवाजा गया
कुमार विश्वास जो आज काफी प्रसिद्ध कवि और लेखक है। जिनकी चर्चा आज हर कोई करता है। उनकी कविताओं द्वारा उन्हे कही पुरस्कारों से नवाजा गया है जैसे की सन् 1994 में उन्हे डॉ॰ कुंवर बेचैन काव्य समिति द्वारा ‘काव्य-कुमार पुरस्कार’ दिया गया। वही सन् 2006 में हिंदी उर्दू अवार्ड अकादमी द्वारा साहित्य श्री पुरस्कार दिया गया। वही 2010 में डॉ उर्मिलेश गीत श्री समान द्वारा पुरस्कार से नवाजा गया।आज डॉ कुमार विश्वास जो बेहद लोकप्रिय कवि और लेखक है जिनकी आवाज आज कही कॉलर ट्यून में शामिल हैं। उनका कहना है की उन्होंने कभी नहीं सोचा था की वो एक वक्त पर इतनी प्रसिद्धि को हासिल कर एक लोकप्रिय कवि बनेंगे।
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Khan Sir

Khan Sir Biography

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Khan Sir Biography

Khan Sir

आइए जानते है इनका जीवन परिचय (Khan Sir)

आज हम जिस शिक्षक की बात कर रहे। उनमें एक अनोखी पढ़ाने की कला हैं जो सबसे अलग हैं। जिसे आज हर बच्चा बेहद पसंद करता और उनसे पढ़ना चाहता हैं। जी हां आज हम खान सर (Khan Sir) की बात कर रहे है जिनका असली नाम फैजल खान (Faizal Khan) है इनका जन्म सन् 1993 में गोरखपुर , उत्तर प्रदेश (Gorakhpur,Uttar Pradesh) में एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। इनके पिता जो सेना में थे लेकिन अब रिटायर हो चुके है वही उनकी माता जो एक गृहणी है। साथ ही साथ इनके भाई जो आर्मी में कमांडो है।

आपको बता दे, की खान सर के असली नाम पर भी विवाद चल रहा है एक वायरल हुई वीडियो के कारण खान सर के असली नाम पर भी बेहद प्रश्न उठे, जिस कारण उन्होंने एक वीडियो में विवाद खत्म हो जाने के बाद अपने नाम को बताने के बारे में कहा है।

कहा से पूर्ण की अपनी शिक्षा
खान सर (Khan Sir) जो बचपन से ही पढ़ने में काफी रुचि रखते थे वह साथ ही साथ अपनी कक्षा के एवरेज विद्यार्थी थे। तो वही उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (Gorakhpur, Uttar pradesh) से की। खान सर अपनी स्कूली पढ़ाई में काफी अच्छे अंकों से पास हुए थे। इन्होंने उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh ) से विज्ञान में स्नातक (BSC) की डिग्री को हासिल किया और मास्टर (MSC) की भी डिग्री को हासिल किया।

आर्मी में था जाने का सपना (Khan Sir)

जैसे की हमने आपको बताया की खान सर का परिवार जो सेना में था वह देश की सेवा करता था। घर के इस माहौल के कारण खान सर के मन में भी अपने पिता और भाई को देख कर देश की सेवा करने की जागरूकता उत्पन हुई। जिसके चलते उन्होंने एनडीए (NDA) की तैयारी शुरू की। क्योंकि वह बचपन से ही चाहते थे की वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे। जिसके बाद उन्होंने लिखित परीक्षा को तो पास किया, लेकिन किसी कारण से उनका फिजिकल क्लियर न होंकर उनका सिलेक्शन नही हो पाया। जिस कारण वह काफी निराश हुए, लेकिन उन्होंने हार ना मानते हुए किसी और तरीके से देश की सेवा करने के बारे में सोचा।

बच्चो को शिक्षा के लिए रूख किया पटना की और
जब खान सर (Khan Sir) का सपना टूट गया तो उन्होंने हिम्मत ना हारते हुए। अपनी जिंदगी के नए सफर की और चल पड़े। अक्सर वो बचपन में अपने नानी के घर बिहार जाते थे लेकिन जैसे जैसे उन्हे समझ आने लगी तो उन्होंने देखा की बिहार, पटना में बच्चो को अच्छी शिक्षा प्रदान नही हो रही। जिस वजह से पढ़ने लिखने वाले बच्चे शिक्षा से वंचित हैं जिसके बाद उन्होंने अपना लक्ष्य ढूंढा, क्योंकि वो कुछ ऐसा करना चाहते थे जो समाज के लिए एक मिसाल हो। इसके बाद वे उत्तराखंड से बिहार पटना चले गए, जहा उन्हे बड़ी ही मुश्किल से एक कमरा किराए पर मिला। वह चाहते थे की वहा के बच्चे कम पैसे मैं अच्छी शिक्षा ले। जिसके बाद उन्होंने पटना में वहा के लोगो के साथ कोचिंग सेंटर खोला, लेकिन पार्टनरशिप में आए लोगो ने उन्हे धोका दे कर कोचिंग सेंटर से निकाल कर उसपे कब्जा कर लिया। जिसके बाद भी वह हिम्मत ना हारते हुए, पुराने छात्राओं की सहयता से किसी और जगह पर कोचिंग की शुरुवात करने की सोची

शुरुवात हुई खान जीएस रिसर्च सेंटर की। (GS Research Center)

कई मुश्किलों का सामना कर खान सर ने कभी भी अपने कदमों को पीछे की और नही किया। क्योंकि उनकी लगन जो शिक्षा के प्रति बेहद सच्ची थी। जिसके बाद उन्होंने दुबारा से कोचिंग सेंटर की शुरुवात की। जिसका नाम उन्होंने जीएस रिसर्च सेंटर (GS Research Center) रखा । जहा उन्होंने कई बच्चो को बहुत ही कम पैसों में शिक्षा दी। क्योंकि उनका मानना था की पैसों से ज्यादा बच्चे का भविष्य महत्वपूर्ण हैं। ऐसे ही जब सेंटर की शुरुवात हुई तो वहा 6–7 बच्चे ही आना शुरू हुए। लेकिन जैसे–जैसे वक्त बीतता गया। उनके सेंटर पर बच्चो की भीड़ इकठ्ठा होने लगी। आज वर्तमान में खान सर के एक बैच में 2000 से भी ज्यादा बच्चे पढ़ने आते हैं।

खान सर (Khan Sir) का कोचिंग सेंटर जो बेहद अच्छे तरह से चलने लगा, लेकिन एक वक्त ऐसा आया था जहा पूरा देश उस बीमारी से लड़ रहा था जी हां 2020 में जब कोरोना ने भारत में दस्तक दी थी। तब सब स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए थे। जिसके बाद खान सर ने अपनी ऑफलाइन क्लासेज को ऑनलाइन में तब्दील कर बच्चो की शिक्षा पे कोई प्रभाव नहीं आने दिया।

यूट्यूब पे देख सकते है इनकी स्टडी वीडियो।

खान सर (Khan Sir) का यूट्यूब पे भी चैनल है जहा मिलियन में बच्चे इनको फॉलो करते हैं और इनके द्वारा डाली गई वीडियो से अपने प्रश्नों के उत्तर पाते हैं। खान सर आज काफी चर्चित शिक्षक हैं, शिक्षा जो आज के समय में एक व्यापार बन चुका हैं जहा आज हमे ऐसे अध्यापकों की आवश्यकता है जिनके लिए बच्चो का भविष्य पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण हो और आज के समय में खान सर जो चाहते है की देश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। जिसके चलते आज वह अपने कोचिंग सेंटर पे कम फीस में बच्चो को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं।

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Sandeep Maheshwari

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Sandeep Maheshwari – संदीप माहेश्वरी जीवन परिचय

Sandeep Maheshwari

मंजिल उनको मिलती है जिनके
इरादों में जान होती है, पंख से कुछ
नही होता, हौसलों से उड़ान होती है।

ये पंक्तियां जो एक ऐसे जानेमाने मोटिवेशनल स्पीकर द्वारा लिखी गई है। जिसने काफी संघर्षों के बाद अपनी मंजिल को हासिल किया। ये पंक्तियां जो असल जिंदगी में उन्होंने लागू की थी और अपनी नाकामयाबी को अपनी सफलता में बदला । हम आज जिस मोटिवेशनल स्पीकर की बात कर रहे। वो संदीप महेश्वरी (Sandeep Maheshwari) है जिसकी लगन और मेहनत में बहुत दम था जिसने काफी बार असफलता का मुह देखने के बाद भी उसको अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और अंत में अपनी मंजिल को हासिल कर सफलता को हासिल किया।

आइए जानते है। (Sandeep Maheshwari) के बारे में।

संदीप महेश्वरी जिन्हें आज कौन नहीं जनता । जिनकी मोटिवेशनल वीडियो को सुन कर बच्चो को सही राह और उनके मन में चल रहे विचारो का जवाब मिलता हैं। क्योंकि संदीप महेश्वरी ने अपनी जिंदगी में काफी संघर्षों का सामना करके अपनी लक्ष्य को हासिल किया , जिसके बाद ये जिम्मा उठाया की वो हर युवा को मोटिवेट करके उनको उनकी मंजिल को हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगे।

इनका जन्म 28 सितंबर 1980 को एक मिडिल क्लास परिवार में जन्म हुआ था। इनके पिता रूप किशोरी महेश्वरी (Roop kishori Maheshwari)। जिनका खुद का एल्यूमीनियम का कारोबार था। और इनकी माता शुकंतला रानी महेश्वरी (Shukantla Rani Maheshwari) है । छोटी सी उम्र में ही संदीप महेश्वरी ने अपने घर की कमाई का बोझ अपने कंधो पे उठा लिया था जिसके चलते उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत से उतार–चढ़ाव देखे थे।

लेकिन आज वर्तमान में संदीप माहेश्वरी अपनी कंपनी (Imagesbazar . com) के फाउंडर और सीईओ है , साथ ही संदीप माहेश्वरी का छोटा सा परिवार है जिसमे उनकी पत्नी नेहा माहेश्वरी और दो बच्चे ( एक लड़का और एक लड़की ) है !

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अपने पिता का दिया साथ (Sandeep Maheshwari)

जैसे की हमने जाना की संदीप महेश्वरी एक मिडिल क्लास परिवार से तालुक रखते थे, उनके पिता का कारोबार जिनसे घर खर्च चलता था वे एक दिन अचानक से बिलकुल ठप हो गया। जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई थी। और उस समय संदीप महेश्वरी अपनी स्नातक (B.com) की पढ़ाई कर रहे थे घर के हालात को देखते हुए उन्हें अपनी स्नातक की पढ़ाई को फाइनल ईयर में ही छोड़ना पड़ा। जिसके बाद उन्होंने अपने पिता का हाथ बटाने के लिए अपनी माता जी के साथ मिल कर मल्टी लेवल मार्केटिंग (Multi Level Marketing) कंपनी को ज्वाइन किया, जिसमे घर में ही चीजों को बनाकर बाहर जाकर बेचना होता था। लेकिन इस कंपनी में भी उन्हे असफलता ही हाथ लगी। जिसके बाद उन्होंने हार न मानते हुए आगे बड़ने का फैसला किया।

जिसके बाद उन्होंने पीसीओ (PCO) खोला। क्योंकि उस समय मोबाइल का इस्तेमाल कम होता था। जिस वजह से लोग पीसीओ का इस्तेमाल कर के बात करते थे, शुरुवाती दिनों में संदीप जी और उनकी माता ने इसमें काफी कामयाबी पाई। लेकिन अंत में फिर असफलता हाथ लगी। मानो की ऐसे लग रहा था की उनकी किस्मत उन्हे कही और ही ले जाना चाहती थी।

शुरू किया फोटोग्राफी का कोर्स
अनेको कार्यो में असलफल होने के बाद सन् 2000 में उन्होंने फोटोग्राफी का कोर्स किया साथ ही नया कैमरा भी खरीदा। लेकिन जब उन्होंने देखा की फोटोग्राफी की नौकरी को पाने के लिए बाहर लोग इधर उधर भटक रहे हैं। जिसके बाद वह अपनी जिंदगी से थोड़े निराश हुए और उन्होंने कई कामो की शुरुवात की पर उन्हे निराशा ही मिली। उन्होंने मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी भी अपने दोस्तो के बार बार कहने पर ज्वाइन की थी। और जब उसके सेमिनार में गए तो उनकी उम्र 18 वर्ष थी, जिस सेमिनार में उन्हे वहा बोला हुआ कुछ समझ नहीं आया। तब वहा 21 साल का लड़का था जिसने बोला की कभी हिम्मत मत हराना और उसके हाथ में एक पेज था जिसपे 7 करोड़ लिखा हुआ था। जब उन्होंने वह देखा तो उन्हे लगा की अगर ये 21 साल का लड़का इतने कमा सकता है तो में क्यों नहीं ? जिसके बाद उन्होंने सोचा की क्यों न इसी लड़के के साथ काम किया जाए, पर वह उस कार्य में भी असफल रहे।

Sandeep Maheshwari

दुबारा शुरू की फोटोग्राफी

जब हर तरफ से निराशा मिली तब उन्होंने हिम्मत ना हारते हुए। दुबारा से फोटोग्राफी में आने का सोचा । जहा उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा क्योंकि उनका मानना था की नौकरी तो हर कोई कर रहा हैं। क्यों न कुछ सबसे हट के किया जाए। तब उन्होंने अखबार में फ्री पोर्टफोलियो का प्रचार दिया। जिसे देख लोग उनके पास आने लगे। मानो जैसे की अब जाकर किस्मत ने संदीप महेश्वरी का साथ देना शुरू किया था। जैसे–जैसे व्यापार चलने लगा आय भी आने लगी। अपनी फोटोग्राफी से संदीप माहेश्वरी ने रिकॉर्ड बनाया जिसमे उन्होंने 12 घंटे लगा कर 100 मॉडल के 10000 से अधिक फोटो खींचे। जिनकी वजह से उनका नाम लिम्का बुक (Limka Book) में दर्ज किया गया।

Sandeep Maheshwari का नाम दर्ज होने पर चर्चा में आने लगे
संदीप महेश्वरी का नाम लिम्का बुक में दर्ज हुआ था। जिसकी वजह से वह काफी चर्चा में आने लगे और कही मॉडल कही बड़ी कंपनिया उनके पास आने लगी। आपको बता दे, की सन् 2006 में संदीप महेश्वरी ने एक अपनी साधारण छोटी ऑनलाइन वेबसाइट का निर्माण किया था जिसका नाम इमेजेसबाजार (Imagesbazar.com) है। जो उस समय इतनी प्रसिद्ध नही थी। पर नाम दर्ज होने के बाद आज यह ऑनलाइन वेबसाइट देश की सबसे बड़ी स्टॉक फोटोज की कम्पनी है, जिसमे आज 7000 से भी ज्यादा ग्राहक हैं।

नवाजा गया कही पुरस्कारों से
संदीप माहेश्वरी जो आज जानी मानी हस्ती है। जिन्हे आज हम मोटिवेशनल सेमिनार में बच्चो को प्रेरित करता हुआ देखते हैं। उनको जिंदगी का दौर भी काफी संघर्ष भरा था। जिसकी कामयाबी आज शोर मचा रही है। ऐसे कई कामों की वजह से इन्हें पुरस्कारों से नवाजा गया। जैसे की 2013 में क्रिएटिव एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर (Creative Entrepreneur of the year ) का पुरस्कार दिया गया। वही 2014 में इन्हे (Entrepreneur India Summit) का पुरस्कार प्रदान किया गया और साथ ही साथ उन्हे ब्रिटिश हाई कमीशन (British High Commision) की तरफ से युवा उघमी का पुरस्कार भी दिया गया।

ये सच है की अगर कड़ी मेहनत और लगन से किसी कार्य को किया जाए। तो एक दिन इंसान सफलता को जरूर हासिल करता हैं। आज यह लेख जिसमे संदीप महेश्वरी का परिचय यह बताता है की जो इंसान कभी नहीं हारता वो अपनी मंजिल को जरूर हासिल करता है। आज के समय में संदीप महेश्वरी के बहुत सी फैन फॉलोइंग हैं जो उन्हे फॉलो करती है। वही उनके यूट्यूब पर मिलियन मैं फॉलोअर है जहा उनके द्वारा डाली गई वीडियो को आज के युवा बेहद प्यार देते हैं। और बहुत से जगह पर अपने फ्री में सेमिनार कर युवा को प्रेरित करते हैं।


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Amogh Lila Prabhu

Amogh Lila Prabhu Biography

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Amogh Lila Prabhu – अमोघ लीला प्रभु

युगों–युगों से बहुत से संत गुरु की कहानियों को हम सुनते आए हैं। जिन्होंने अपनी बेहद ऐशो–आराम की जिंदगी को छोड़ कर, एक संत गुरु बनने का रास्ता चुना हैं। और इनके जीवन का मकसद होता हैं। की वह आज के युवाओ को अपने उद्देश्य और भागवत गीता के श्लोक से सही रास्ता दिखाएं व समाज के हित के लिए कार्य करे। आज एक ऐसे ही संत गुरु है जिन्होंने छोटी सी उम्र में ही आध्यात्मिक रास्ता चुना और समाज के हित के लिए कार्य करना शुरू किया और साथ ही साथ युवाओ को उनके सपनो के लिए प्रेरित और उनको सही रास्ता दिखाना का रास्ता चुना ।

Amogh Lila Prabhu संत का जीवन परिचय

आज का लेख अमोघ लीला प्रभु (Amogh Lila Prabhu) के जीवन पर है जो आज युवाओ को सही रास्ता दिखा कर मार्गदर्शन का काम कर रहे हैं। अमोघ लीला प्रभु जिन्हे आज लोग संत गुरु के रूप में जानते है। जिनका असली नाम आशीष अरोड़ा (Ashish Arora) है जिनका जन्म 1 जुलाई 1980 में पंजाबी परिवार में लखनऊ, उत्तर प्रदेश (Lucknow, Uttar Pradesh) में हुआ था । जो आज वर्तमान में इस्कॉन द्वारका (ISKON) में उपाध्यक्ष है इनके परिवार में इनके माता–पिता व इनकी दो बहने हैं जो शादी शुदा है। इनके पिता रॉ एजेंट थे जो रिटायर हो चुके है।

निकल पड़े भगवान की तलाश में
अमोघ प्रभु जी बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। उन्हे पढ़ना काफी अच्छा लगता था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मिजोरम, गंगटोक डार्जेलिंग से की। क्योंकि इनके पिता की नौकरी होने के कारण उनकी बदली कई जगह पर हुआ करती थी जिसको लेकर उन्हे अपनी पढ़ाई भी अलग अलग जगह से करनी पड़ती थी। लेकिन उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया की वो घर छोड़ कर भगवान को ढूंढने के लिए निकल पड़े।

क्योंकि अमोघ प्रभु जी का कहना था की एक बार उनकी कक्षा में उनकी पुस्तक में गीता के सात श्लोक थे जिसमे लिखा था की मन बहुत चंचल और बलवान है जो किसी की नहीं सुनता। यह पढ़ कर उनके मन में कई सवाल उठे। जिसके जवाब के लिए उन्होंने अपनी अध्यापिका से पूछा, तो उनकी अध्यपिका ने बताया की ये श्री मत भागवत के सात श्लोक है और भागवत गीता में 700 श्लोक का वर्णन हैं।

जब उन्होंने यह सुना तो उन्हे लगा की सात श्लोक पढ़ कर उन्हे अपने मन की बात का एहसास और उनके जीवन का वर्णन हो सकता हैं। जिसके बाद उनके मन में भगवान को ढूंढने की इच्छा उत्पन्न हुई और वह उस समय 12 वी कक्षा में थे जब वह घर से बिना बताए भगवान को अलग–अलग जगह पे जाकर ढूंढने लगे। जिसमे वह 4 महीने अपने घर से दूर रहे,अंत में उन्हे अपने प्रश्न के उतर इस्कॉन द्वारका मंदिर में मिले।

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Amogh Lila Prabhu

ISKON में जाकर ढूंढा भगवान को Amogh Lila Prabhu ने

जब उन्हे कही भी भगवान के दर्शन नहीं हुए। जैसे की हमने जाना की अमोघ प्रभु जी को छोटी उम्र में ही आध्यात्मिक चीज़ों से काफी लगाव था। तब उन्हे एक भगवत गीता पढ़ने को मिली जो प्रभुपाद के द्वारा लिखी गई थी जिसे पढ़ने के बाद इन्हें कई चीज़ों के बारे में पढ़ा। उन्होंने जाना की जिस किसी भी व्यक्ति ने इसे लिखा है वे कृष्ण भगवान के बेहद करीब हैं। जिसके बाद उन्होंने प्रभुपाद के प्रवचन को भी सुना। और बाद वो कैलाश द्वारका इस्कॉन मंदिर में जा पहुंचे जहा उन्होंने 3 महीने तक भ्रमचारी के रूप में व्यतीत किए। जिसके बाद जैसे ही वहा के संतो को आभास हुआ कि अमोघ प्रभु जी अपने घर से बिना बताए आए, तो तुरंत उनके माता पिता को वहा बुलाया गया। जिसके बाद अमोघ प्रभु जी अपने घर वापिस लोटे।

पूर्ण की स्नातक की डिग्री
जब वह इस्कॉन के मंदिर से वापिस अपने घर पहुंचे तो, उन्होंने अपने पढ़ाई को दुबारा से शुरू किया। जिसमे उन्होंने अपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री को दिल्ली से हासिल किया। वह अपनी कक्षा के तेज बच्चे होने के कारण बिना एंट्रेंस दिए उन्हे मास्टर की डिग्री हासिल करने का मौका दिया। लेकिन उन्होंने उस मौके को ठुकरा कर नौकरी करना शुरू किया। जिसके बाद उन्होंने 2004 से 2010 तक अपनी नौकरी की। लेकिन आध्यात्मिक में रुचि होने के कारण उन्हें अपनी नौकरी रास नही आई और 2010 में नौकरी छोड़ वापिस इस्कॉन द्वारका के लिए निकल पड़े। और जिंदगी भर के लिए ब्रह्मचारी बन गए। जिसके बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को श्री कृष्ण और लोगो के लिए जागरूकता लाने की लिए समर्पित कर दिया।

आज अमोघ प्रभु जी (Amogh Lila Prabhu) का यूट्यूब पर चैनल भी हैं जहा लोग उनके प्रवचनों को सुनते हैं। और साथ ही साथ प्रभु जी की इंस्टाग्राम पर भी आईडी (ID) है। जहा लोग उन्हे फॉलो कर उनके विचारो को पढ़ कर उनको अपनी जिंदगी में लागू करने की कोशिश करते हैं।

अमोघ प्रभु जी के गुरु

अमोघ प्रभु जी के गुरु जिनसे उन्होंने अपनी धार्मिक शिक्षा को ग्रहण किया, और आध्यात्मिक पुस्तको की शिक्षा भी ग्रहण की। कहा जाता है की अमोघ प्रभु जी श्री प्रभुपाद से अपनी धार्मिक शिक्षा लेना चाहते थे। क्योंकि उन्होंने उनके कई प्रवचनो को सुना था जिसके बाद उन्हें श्री कृष्ण जी को जानने की काफी इच्छा जागरूक हुई। लेकिन श्री प्रभुपाद ने शिक्षा देने से पहले ही अपना शारीर त्याग दिया था। जिसके चलते अमोघ प्रभु जी ने अपनी धार्मिक शिक्षा गुरु गोपाल कृष्ण जी से पूरी की।

आखिर इस्कॉन (ISKON) क्या है
इस्कॉन (ISKON) की स्थापना स्वामी प्रभुनंद ने की थी। ISKON जिसका नाम International Society for Krishna Consciousness है यह वो जगह है जो काफी पवित्र है जहाँ दूर दूर से लोग अपनी मनोकामना को पूरा करने आते हैं और श्री कृष्ण भगवान के दर्शन करते है। इस्कॉन मंदिर की स्थापना श्री प्रभुनंद ने भारत में ही नहीं विश्व में भी की है जैसे की अमेरिका, कनाडा इंग्लैंड आदि। इस मंदिर का एक पावन भजन है जो अक्सर लोगो को गाते हुए देखा हैं। हरे रामा हरे रामा कृष्ण, जो काफी विदेशी लोगो भी गुनगुनाते हुए देखा गया हैं।

अमोघ प्रभु जी की श्री कृष्ण में काफी मानते है व उनके द्वारा की गई भक्ति बेहद सच्ची और पवित्र है। आज अमोघ जी श्री मत भागवत गीता से आज के युवाओ को जिंदगी जीने का सही तरीका सिखाने के साथ ही साथ उन्हे उनके लक्ष्य को हासिल करने के लिए मोटिवेट भी करते हैं।

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